अपनों के ताने-बाने से
एक धागा टूट गया,
कोई अपना इस अंधी दौड़
में कहीं पीछे छुट गया ,
अनजाने भीड़ से बचते हुए
न जाने कहाँ खो गया ,
ज़माने को क़दमों तले रखने का बोझ
अकेले मुझ पर छोड़ गया ,
साथ मुसीबतों का सामना करने
का वादा कर न जाने कहाँ खो गया,
एक दुसरे को पीछे छोड़ने की चाह में
वो बेचारा कहीं पीछे छूट गया ,
समय के तूफ़ान से जूझते हुए
कहीं एक धागा टूट गया ............
nice work yaar....-Dona
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