सामने खड़ी थी वो,
आँखों में काजल के साथ थी वो,
गुलाबी रंग में गुलाब थी वो ,
बार-बार लटों को पीछे सरकती वो,
दाँतों में ऊँगली दबाये शर्माती वो ,
नम-नम मुस्काती वो,
दाँतों में ऊँगली दबाये शर्माती वो,
कांपते होटों से कुछ कहना चाहती वो,
शायद अपने दिल की बात...
...कहना चाहती थी वो ....
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