Thursday, June 30, 2011

लाख कोशिशें करता हूँ
तुमसे नफरत करने की 
लाख कोशिशें करता  हूँ
तुम्हे भूल जाने की |

मैं डरता था
ये शायद होगा एक दिन 
मैं डरता था
तुम्हे खोना होगा एक दिन |

चाह कर भी 
तुम्हे दोष नही दे पता
चाह कर भी 
कुछ समझना नहीं चाहता |

नहीं जानता था 
इतना मुश्किल होगा मेरे लिए
न ही जानता था 
इतना आसान होगा तुम्हारे लिए |

भुलाना चाहूँ तो भी 
तुम्हारी हंसी याद आती है 
भुलाना चाहूँ तो भी 
तुम्हारी हरकतें याद आती है |

सोचा न था
सब कुछ अचानक इस तरह
सोचा न था
एक झटके में ही सब कुछ |

न चाहते हुए भी 
तुम्हारा ख्याल रहता है 
न चाहते हुए भी 
तुम्हारा इंतज़ार रहता है |

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